'गाइड' करने से रोका
वहीदा रहमान ने जब फिल्म 'गाइड' को साइन किया, तो कई लोगों ने वहीदा को 'रोजी' का भूमिका करने से मना किया। एक फिल्म प्रोड्यूसर ने तो उनसे यहां तक कहा कि 'आप अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही हो'। लेकिन वहीदा ने इसे करने का मन बना लिया था। इस फिल्म के जरिये ही लोगों को पता चला कि वो एक बेहतरीन डांसर हैं।
वहीदा बताती हैं, 'आज फिर जीने की तमन्ना है' में डांस करते वक्त डायरेक्टर ने उनसे कहा कि दिल खोल कर नाचो, उसी से स्टेप्स बन जाएंगे। इस गाने में वहीदा की डांस परफॉरमेंस को काफी पसंद किया गया।
इस फिल्म के लिए वहीदा को 'फिल्मफेयर' पुरस्कार मिलने की घोषणा हुई, तो कई लोगों के साथ-साथ खुद वहीदा को भी काफी हैरानी हुई, क्योंकि वहीदा समझ रही थी कि 'रोजी' का किरदार ग्रे शेड लिए हुए था।
वहीदा सोच रही थी कि एक प्रॉस्टिट्यूट की बेटी जो अपने पति को छोड़कर गाइड के साथ रहती है और फिर उसे भी छोड़ देती है, ऐसे किरदार को ऑडियंस से सिम्पैथी नहीं मिलेगी। खै़र आपको बता दें कि उन्हें फिल्म 'नीलकमल' के लिए भी सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था।
➡️राजेश खन्ना को याद कराया गाने के बोल
राजेश खन्ना से जुड़ा एक किस्सा याद करते हुए वहीदा बताती हैं, "1969 में रिलीज हुई फिल्म 'खामोशी' एक वुमन ओरिएंटेड फिल्म थी, इसलिए कोई बड़ा स्टार इसमें काम करने को तैयार नहीं था। फिल्म के डायरेक्टर हेमंत कुमार को मैंने ही राजेश खन्ना का नाम सजेस्ट किया था जो इंडस्ट्री में सिर्फ एक फिल्म पुराने थे।
फिल्म 'वो शाम कुछ अजीब थी' गाने के शूट के दौरान राजेश बार-बार लिरिक्स भूल रहे थे। कई बार रीटेक करने के बाद हेमंत दा भी झुंझला रहे थे। तब राजेश ने मुझसे कहा कि जब आप मेरे गले लगें तो गाना गुनगुना दीजिएगा। मैंने ऐसा ही किया और राजेश ने सही बोल पर लिप सिंक करके गाना पूरा किया "। इस फिल्म में वहीदा नर्स की भूमिका में थीं।
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