Thursday, 25 March 2021

निम्मी

 निम्मी,हिन्दी फि़ल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में  रही हैं। उनका असली नाम ‘नवाब बानू था। बॉलीवुड की इस मासूम-सी ख़ूबसूरत अभिनेत्री का राज कपूर ने फि़ल्मी दुनिया से परिचय करवाया था। हालांकि निम्मी की फि़ल्मी शुरुआत सहायक अभिनेत्री के तौर पर राज कपूर और नर्गिस अभिनीत फि़ल्म ‘बरसात 1949 से हुई थी। दिलचस्प बात तो यह भी है कि इस ख़ूबसूरत अभिनेत्री पर राज कपूर की नजऱ उस समय पड़ी, जब वे एक फि़ल्म की शूटिंग देख रही थीं। निम्मी अपनी समकालीन नायिकाओं मधुबाला, नर्गिस, नूतन, मीना कुमारी, सुरैया और गीता बाली के समान ही प्रतिभाशाली थीं। निम्मी ख़ूबसूरत आँखों वाली सम्मोहक अभिनेत्री मानी जाती हैं। फि़ल्म में उनकी भूमिका को कभी भी सहनायिका के रूप में नहीं लिया गया। उन पर बहुत-सी फि़ल्मों के यादगार गीत फि़ल्माए गए थे। निर्देशक के. आसिफ़ की फि़ल्म ‘लव एंड गॉड उनकी आखिरी फि़ल्म थी।

निम्मी कभी स्कूल नहीं गई थीं। इसलिए घर की पढ़ाई ने उन्हें उर्दू तक ही सीमित रखा। वैसे फि़ल्मों में काम करते समय उन्होंने अंग्रेज़ी जरूर सीखी थी, लेकिन वे बातचीत अपनी ही जुबान में करती थीं। एक दिन काम करते वक्त निम्मी की मुलाकात लेखक अली रजा से हुई। संवाद की रिहर्सल कराने के लिए अली रजा ने निम्मी की मदद की। बाद में अली रजा ने ही उनमें शायरी का शौक़ पैदा कर दिया। बाद में यह शायरी दोस्ती और प्यार में बदल गई तो निम्मी ने लेखक-पटकथाकार अली रजा से शादी कर ली।

1948 में प्रसिद्ध फि़ल्म निर्माता-निर्देशक महबूब ख़ान, सेंट्रल स्टूडियो बम्बई में अपनी फि़ल्म ‘अंदाज़ की शूटिंग कर रहे थे। ‘अंदाज़ में दिलीप कुमार और राज कपूर के साथ थीं नर्गिस। इन तीनों ने पहली और आखिरी बार एक साथ काम किया था। निम्मी भी यहाँ मौजूद थीं। वह अक्सर शूटिंग देखने आती थीं। यहीं उन्हें राज कपूर ने देखा। उन दिनों राज कपूर फि़ल्म ‘बरसात 1949 के लिए एक नए चेहरा तलाश रहे थे। ‘अंदाज के सेट पर निम्मी का शर्मीला व्यवहार देखने के बाद ‘बरसात में अभिनेता प्रेमनाथ के साथ निम्मी को ले लिया गया। फि़ल्म ‘बरसात में निम्मी हृदयहीन शहरी प्रेम नाथ आदमी को प्यार करती है। निम्मी ने इस फि़ल्म में एक मासूम पहाड़ी गड़ेरिन की भूमिका निभाई थी।

बरसात फि़ल्म ने बॉक्स ऑफि़स पर इतिहास बनाया। ‘बरसात को अभूतपूर्व महत्त्वपूर्ण और व्यावसायिक सफलता मिली थी। स्थापित और लोकप्रिय सितारों नर्गिस, राज कपूर और प्रेमनाथ की मौजूदगी के बावजूद निम्मी ने अपना किरदार बखूबी निभाया था। फि़ल्म के लोकप्रिय शीर्षक गीत बरसात में हम से मिले तुम, जिया बेकऱार है, पतली कमर है सभी निम्मी पर फि़ल्माये गये थे। ‘बरसात में पहली बार हिन्दी फि़ल्मों में बलात्कार का सीन सामने आया और यह बलात्कार क्लासिक बन गया। फि़ल्म का चरमोत्कर्ष भी नवेली अभिनेत्री के इर्द-गिर्द घूमता रहा। ‘बरसात की भारी सफलता ने निम्मी को स्टार बना दिया।

हिंदी फिल्मों का पहला बलात्कार दृश्य “राजकपूर की बरसात में फिल्माया गया था. निम्मी पर -(फ़िल्मी बलात्कार को अंजाम दिया प्रेम नाथ ने।

हिंदी फिल्मों का दूसरा बलात्कार दृश्य अमर में था महबूब की इस फिल्म के हीरो थे दिलीप कुमार। उस दौर में यह दृश्य फिल्माना ही फ़िल्मकार के साहस का प्रतीक माना जाता था। फ़िल्मकार दर्शकों यह अंदाज़ा लगाने के लिए मजबूर कर देते की वो यह मान लें की बलात्कार हो गया है क्योंकि बलात्कार भी प्रतीकात्मक होते थे। कई फिल्मों में फिल्मकारों ने निम्मी से बलात्कार दृश्य की मांग रखी जिसे निम्मी ने ठुकरा दिया।

अभिनेत्री निम्मी को 1950 के दशक की महान अग्रणी महिलाओं में   माना जाता है। उनकी कुछ प्रमुख -फि़ल्में बरसात 1949 राज मुकुट, जलते दीप 1950 सज़ा 1951 दीदार 1951 बुज़दिल 1951 बेदर्दी 1951 बड़ी बहू 1951 उषा किरण 1952 दाग 1952 आँधियाँ 1952 आन 1952 हमदर्द 1953 लिफ़ लैला 1953 प्यासे नैन 1954 कस्तूरी 1954 डंका 1954 अमर 1954 उडऩ खटोला 1955 कुंदन 1955 भागवत महिमा 1955 राजधानी १956 भार्ई भाई 1956 बसंत बहार 1956 अंजलि 1957छोटे बाबू 1957 सोहनी महिवाल 1958 पहली रात 1959 चार दिल चार राहें 1959 अंगुलिमाल 1960 मेरे मेहबूब 1963 पूजा के फूल 1964 दाल में काला 1964 आकाशदीप 1965 लव एंड गॉड 1986 ।

No comments:

Post a Comment