This Dev Anand - Nutan duet has not been very popular. It is a nice song, by Mohammad Rafi and Geeta Dutt with music composed by S D Burman for the film Manzil (1960). Interestingly in this movie, Dev Anand plays the role of a struggling musician who becomes a music director in Bombay filmdom.
चुपके से मिले, प्यासे प्यासे कुछ हम कुछ तुम
क्या हो जो घटा बरसे खुल के रुम-झुम रुम-झुम
झुकती हुई आँखों में हैं बेचैन से अरमाँ कई
रुकती हुई साँसों में हैं खामोश से तूफ़ाँ कई
मध्यम, मध्यम ...
ठण्डी हवा का शोर है या प्यार का संगीत है
चितवन तेरी इक साज़ है, धड़कन मेरी इक गीत है
मध्यम, मध्यम ...
चुपके से मिले, प्यासे प्यासे कुछ हम कुछ तुम
क्या हो जो घटा बरसे खुल के रुम-झुम रुम-झुम
चुपके से मिले, प्यासे प्यासे कुछ हम कुछ तुम
क्या हो जो घटा बरसे खुल के रुम-झुम रुम-झुम
झुकती हुई आँखों में हैं बेचैन से अरमाँ कई
रुकती हुई साँसों में हैं खामोश से तूफ़ाँ कई
मध्यम, मध्यम ...
ठण्डी हवा का शोर है या प्यार का संगीत है
चितवन तेरी इक साज़ है, धड़कन मेरी इक गीत है
मध्यम, मध्यम ...
चुपके से मिले, प्यासे प्यासे कुछ हम कुछ तुम
क्या हो जो घटा बरसे खुल के रुम-झुम रुम-झुम

No comments:
Post a Comment